हर अंधेरे को रोशनी में लाते हैं
पत्रकार,
अँधियारी दुनिया में उजाला बनकर
आते हैं पत्रकार।
बुराई में अच्छाई को खोजना है
मकसद,
अपराधियों को सन्मुख लाते हैं
पत्रकार।
समाज के जो रक्षक बन गए हैं
भक्षक,
उन सबको सबक सिखलाते हैं
पत्रकार।
हर गरीब के ये बनते हैं
मसीहा,
हर बेगुनाह को इंसाफ दिलाते हैं
पत्रकार।
जो न कर सके दुनिया के धनी लोग
अब तक,
ऐसे अनोखे कार्य करते हैं,
पत्रकार।
समाज के लोगों की सुनता नहीं कोई
उनको सुनते,
निर्धन त्रस्त लोगांे की जुबां बनते हैं
पत्रकार।
सारे गरीब लोगों की दुआएँ इनके
साथ हैं,
सारा समाज करता है इनको
नमस्कार।
छल कपट की भावना होती नहीं
है इनमें,
देश और समाज की आवाज है
पत्रकार।
हर पेशे से समर्पित सेवा भाव
है इनका,
पत्रकारिता है चुनौती इसलिए बनूंगी मैं
पत्रकार।।।।
3 comments:
esi liye to loktant k chothe stambh hai patrkar.
jimmedariya samajhane lage hai patrkar...............
hum apko yu hi janmjat patrakar nahi kehte hai u deserve it
Post a Comment