Monday, 26 May 2014

लायक बेटियां

बेटियां कैसी भी हो हमेशा लायक होती है
घर में रहे तो मां का हाथ बटाए
जब निकले घर से बाहर तो बेटा बन जाए
‍पिता के साथ जिम्‍मेदारियां निभाए
भाई बहनों के लिए अभिभावक बन जाए
मुश्किल का सामना बहादुरी से कर जाए
फिर समाज की नजरों में ये क्‍यों चुभ जाए
जन्‍म से लेकर बडे होने तक
कितनी परीक्षाएं सह जाए
फिर मां बाप की ढाल बन खडी हो जाए
जीवन का हर क्षण कसौटी पर कसे
फिर समाज की नजरों में अबला बन जाए
आज से नहीं यह कहानी बहुत पुरानी है
आज बेटियां केवल ब्‍याहने के लिए नहीं
ये समाज में आ रही क्रांति की चिनगारी है।।।।।।।।। 

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